
जाने क्यों इस मोड़ पर लाती है ज़िन्दगी
जहा खुद को पहचानना मुश्किल हो जाता है
हर मोड़ जाना पहचाना लगता है
और कभी अपना घर भी अन्जाना लगता है
जाने क्यों इस मोड़ पर लाती है जिंदगी
...कभी हर सपना नया जैसे
और कभी पुराना लगने लगता है
कभी आ जाती है ऐसी स्तिथि की अपना बेगाना लगता है
जाने क्यों इस मोड़ पर लाती है ज़िन्दगी